Dukhi man Mere lyrics

दुखी मन मेरे सुन मेरा कहना जहाँ नहीं चैना वहां नहीं रहना दर्द हमारा कोई न जाने अपनी गरज के सब हैं दीवाने किसके आगे रोना रोयें देस पराया लोग बेगाने दुखी मन मेरे ... लाख यहाँ झोली फैलाले कुछ नहीं देंगे इस जग वाले पत्थर के दिल मोम न होंगे चाहे जितना नीर बहाले दुखी मन मेरे ... अपने लिए कब हैं यह मेले हम हैं हर एक मेले में अकेले क्या पाएगा इस में रहकर जो दुनिया जीवन से खेले दुखी मन मेरे ...

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